Saturday, 11 September, 2010

गणेश चतुर्थी पर : फिल्म विरुद्ध से गणपति वन्दना

3 comments:

  1. बहुत सुन्दर वन्दना

    ReplyDelete
  2. “नन्हें दीपों की माला से स्वर्ण रश्मियों का विस्तार -
    बिना भेद के स्वर्ण रश्मियां आया बांटन ये त्यौहार !
    निश्छल निर्मल पावन मन ,में भाव जगाती दीपशिखाएं ,
    बिना भेद अरु राग-द्वेष के सबके मन करती उजियार !! “

    हैप्पी दीवाली-सुकुमार गीतकार राकेश खण्डेलवाल

    ReplyDelete
  3. Its a very powerful prayer. Impressive Rendition.

    ReplyDelete

पसन्द - नापसन्द का इज़हार करें , बल मिलेगा ।